Shamli :उत्तर प्रदेश के शामली जिले के रहने वाले आयुष मलिक का मामला पिछले कुछ समय से देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। यह मामला धर्म परिवर्तन, अंतरधार्मिक विवाह, पारिवारिक विवाद और कानूनी जांच जैसे कई पहलुओं से जुड़ा हुआ है। हाल ही में उनकी कथित ‘घर वापसी’ के बाद यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया। हालांकि इस पूरे मामले की जांच अभी भी जारी है, इसलिए इससे जुड़े सभी आरोपों और दावों पर अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

आयुष मलिक एक कारोबारी परिवार से संबंध रखते हैं। मीडिया को दिए अपने शुरुआती इंटरव्यू में उन्होंने दावा किया था कि उन्होंने किसी के दबाव, लालच या बहकावे में आकर नहीं, बल्कि अपनी इच्छा से इस्लाम स्वीकार किया था। आयुष के अनुसार, उन्हें बचपन से इस्लाम के बारे में जानने की जिज्ञासा थी और समय के साथ उनका झुकाव इस धर्म की ओर बढ़ता गया। उन्होंने यह भी कहा था कि उन्होंने अपनी शादी से लगभग चार वर्ष पहले इस्लाम कबूल कर लिया था। उनका कहना था कि धर्म परिवर्तन का फैसला उन्होंने पहले ही कर लिया था और बाद में उन्होंने चांदनी कुरैशी से निकाह किया। आयुष ने यह भी बताया था कि उन्होंने अपने धर्म परिवर्तन और निकाह की जानकारी कई वर्षों तक परिवार से इसलिए छिपाकर रखी क्योंकि उस समय उनकी बहनों की शादी होनी बाकी थी और वे परिवार में किसी तरह का विवाद नहीं चाहते थे।

यह मामला उस समय चर्चा में आया जब ईद के दौरान आयुष और उनकी पत्नी की कुछ तस्वीरें तथा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए। इसके बाद परिवार को उनके धर्म परिवर्तन और निकाह की जानकारी मिली। आयुष के पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि उनके बेटे का धर्म परिवर्तन साजिश, दबाव और लालच के माध्यम से कराया गया है तथा परिवार की संपत्ति पर कब्जा करने की कोशिश की गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने उत्तर प्रदेश के धर्म परिवर्तन कानून सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

जांच के दौरान पुलिस ने चांदनी कुरैशी, उनके पिता और कुछ अन्य लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े दस्तावेज, निकाहनामा, बैंक लेन-देन और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। दूसरी ओर, उस समय आयुष लगातार मीडिया के सामने यह कहते रहे कि उन्होंने अपनी इच्छा से इस्लाम अपनाया है और किसी ने उन पर कोई दबाव नहीं डाला। यही कारण था कि यह मामला पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया, क्योंकि परिवार और आयुष के बयान एक-दूसरे से अलग थे।

इसी बीच जून 2026 के अंतिम सप्ताह में इस मामले ने नया मोड़ ले लिया। सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया जिसमें आयुष मलिक अपने घर के मंदिर में पूजा करते हुए दिखाई दिए। वीडियो में उन्होंने अपने माता-पिता से माफी मांगी और कहा कि वे सनातन धर्म में वापस लौट रहे हैं। परिवार ने इसे उनकी ‘घर वापसी’ बताया। इसके बाद सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों में इस विषय पर व्यापक चर्चा शुरू हो गई। कुछ लोगों ने इसे उनकी व्यक्तिगत इच्छा का फैसला बताया, जबकि कुछ लोगों ने अलग-अलग तरह की आशंकाएं भी जताईं। इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि शुरुआती धर्म परिवर्तन पूरी तरह स्वेच्छा से हुआ था या उसमें किसी प्रकार का अवैध दबाव अथवा प्रलोभन शामिल था। इसी तरह ‘घर वापसी’ की परिस्थितियों की भी जांच की जा रही है। इसलिए इस पूरे मामले पर कोई भी अंतिम निष्कर्ष निकालना अभी उचित नहीं होगा। अदालत और जांच एजेंसियों की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
आयुष मलिक का मामला आज केवल एक परिवार का विवाद नहीं रह गया है, बल्कि इसने धर्म परिवर्तन, व्यक्तिगत स्वतंत्रता, अंतरधार्मिक विवाह और कानून के पालन जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर राष्ट्रीय स्तर पर बहस छेड़ दी है। यही वजह है कि यह मामला लगातार लोगों और मीडिया की नजर में बना हुआ है।


