सहारनपुर: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के देवबंद में मस्जिदों, मदरसों और मजारों से जुड़े कुछ मामलों को लेकर प्रशासन की कार्रवाई चर्चा का विषय बनी हुई है। प्रशासन ने सरकारी भूमि पर कथित अतिक्रमण की शिकायतों के आधार पर जांच शुरू की है। अधिकारियों के अनुसार कुल 11 धार्मिक स्थलों के भूमि अभिलेखों और दस्तावेजों की जांच की जा रही है, जिनमें से छह मामलों में संबंधित प्रबंधन समितियों को नोटिस जारी किए गए हैं।
प्रशासन का कहना है कि नोटिस जारी करने का उद्देश्य संबंधित संस्थानों से भूमि के स्वामित्व और निर्माण से जुड़े दस्तावेज प्राप्त करना है। अधिकारियों के मुताबिक, सभी मामलों की जांच राजस्व रिकॉर्ड और उपलब्ध सरकारी अभिलेखों के आधार पर की जा रही है। अभी किसी भी स्थल पर अंतिम कार्रवाई का निर्णय नहीं लिया गया है।

स्थानीय प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने और सभी पक्षों का जवाब मिलने के बाद ही आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। यदि किसी संस्था के पास वैध दस्तावेज हैं तो उन्हें जांच के दौरान प्रस्तुत करने का पूरा अवसर दिया जाएगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कार्रवाई पूरी तरह कानून और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार होगी।
दूसरी ओर, कुछ धार्मिक संस्थाओं और स्थानीय लोगों ने प्रशासन की कार्रवाई पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि जिन मस्जिदों, मदरसों और मजारों को नोटिस भेजे गए हैं, उनमें से कई वर्षों से संचालित हो रहे हैं और उनके पास आवश्यक दस्तावेज मौजूद हैं। उनका आग्रह है कि किसी भी प्रकार का फैसला लेने से पहले सभी रिकॉर्ड की निष्पक्ष जांच की जाए।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में नोटिस जारी करना प्रारंभिक प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा होता है। यदि किसी पक्ष को प्रशासन के निर्णय पर आपत्ति होती है तो वह सक्षम न्यायालय या संबंधित प्राधिकारी के समक्ष अपना पक्ष रख सकता है।

फिलहाल देवबंद में कानून-व्यवस्था सामान्य बनी हुई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें। इस मामले में आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट और संबंधित पक्षों के जवाब के आधार पर तय की जाएगी।


