गुरुग्राम: हरियाणा के गुरुग्राम में 25 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर इंशराह अय्यूबी की हत्या का मामला सामने आया है। इंशराह उत्तर प्रदेश के सीतापुर की रहने वाली थीं और गुरुग्राम स्थित ऑप्टम (Optum) में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में कार्यरत थीं। उनका शव सेक्टर-55 स्थित एक पीजी (पेइंग गेस्ट) आवास से बरामद हुआ। परिवार द्वारा संपर्क न होने पर दर्ज कराई गई शिकायत के बाद पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर कमरे तक पहुंचकर दरवाजा खुलवाया, जहां इंशराह का शव मिला। प्रारंभिक जांच में उनके शरीर पर चाकू के कई वार पाए गए हैं।

इसी मामले की जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि इंशराह के सहकर्मी श्रेष्ठ मलिक (25) का शव इससे पहले गुरुग्राम के गढ़ी रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पर मिला था। श्रेष्ठ मूल रूप से छत्तीसगढ़ के भिलाई के रहने वाले थे और ऑप्टम में ही एआई इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे। पुलिस दोनों घटनाओं को एक-दूसरे से जुड़ा हुआ मानकर जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में हत्या में श्रेष्ठ मलिक की भूमिका सामने आने की बात पुलिस ने कही है, जबकि उसकी मौत को प्रथम दृष्टया ट्रेन के सामने आने से हुई आत्महत्या माना जा रहा है। हालांकि अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार इंशराह के शरीर पर छह गंभीर चाकू के घाव मिले हैं। पुलिस ने घटनास्थल से एक चाकू भी बरामद किया है, जिसे जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा गया है। इसके अलावा दोनों के मोबाइल फोन, लैपटॉप, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है, ताकि घटना के पीछे की पूरी वजह स्पष्ट हो सके।

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे अपुष्ट दावों और अफवाहों पर विश्वास न करें। पुलिस ने अब तक किसी सांप्रदायिक या अन्य कोण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। जांच पूरी होने के बाद ही विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।


