नई दिल्ली, 17 जुलाई।पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल 20वें दिन में पहुंच गई है। लगातार उपवास के कारण उनकी सेहत को लेकर चिंता बढ़ रही है। विभिन्न सामाजिक संगठनों और समर्थकों ने सरकार से जल्द बातचीत शुरू करने की अपील की है।

वांगचुक ने कहा कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का प्रयास है। उन्होंने समर्थकों से संयम बनाए रखने और किसी भी प्रकार की हिंसा से दूर रहने की अपील की। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि सरकार की ओर से सार्थक बातचीत शुरू होती है, तो आगे की रणनीति पर विचार किया जा सकता है।

इस मुद्दे पर कई सामाजिक संगठनों, शिक्षाविदों और जनप्रतिनिधियों ने प्रतिक्रिया दी है। कुछ संगठनों ने वांगचुक से स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की अपील की है, जबकि अन्य ने सरकार से संवाद के माध्यम से समाधान खोजने का आग्रह किया है। राजनीतिक दलों के बीच भी इस विषय पर बहस तेज हो गई है।

सोनम वांगचुक लंबे समय से लद्दाख और हिमालयी क्षेत्रों से जुड़े पर्यावरण, जलवायु और जनहित के मुद्दों पर सक्रिय रहे हैं। शिक्षा और सतत विकास के क्षेत्र में उनके कार्यों को देश-विदेश में सराहना मिली है। मौजूदा आंदोलन के कारण उनका नाम एक बार फिर राष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में आ गया है।


