Saturday, July 18, 2026
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सोनम वांगचुक को पुलिस ने जंतर-मंतर से हटाया, बिगड़ती सेहत के बीच अस्पताल में भर्ती

अनशन के 21वें दिन पुलिस ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए सोनम वांगचुक को अस्पताल पहुंचाया, समर्थकों ने जताया विरोध।

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Abida Sadaf
Abida Sadafhttp://globalboundary.in
आबिदा सदफ बीते 4 वर्षों से मीडिया से जुड़ी रही हैं। इन्किलाब अखबार से अपने पत्रकारिता जीवन की शुरूआत की थी। आबिदा सदफ मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जनपद की रहने वाली हैं.

नई दिल्ली: सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधार के लिए आवाज़ उठाने वाले सोनम वांगचुक को शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर स्थित उनके अनशन स्थल से हटाकर अस्पताल पहुंचा दिया। वांगचुक पिछले 21 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे थे और उनकी बिगड़ती सेहत को देखते हुए पुलिस ने यह कार्रवाई की। पुलिस का कहना है कि यह कदम डॉक्टरों की सलाह और अदालत के निर्देशों के अनुरूप उठाया गया, जबकि उनके समर्थकों ने इसे जबरन उठाकर ले जाने की कार्रवाई बताया है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह पुलिस और प्रशासन की टीम जंतर-मंतर पहुंची और सोनम वांगचुक को एंबुलेंस के जरिए सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया। इस दौरान प्रदर्शन स्थल पर मौजूद कई समर्थकों को भी वहां से हटाया गया। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई।

वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो ने कहा कि उनका अनशन जारी है और उनकी इच्छा के विरुद्ध कोई चिकित्सीय प्रक्रिया नहीं की जानी चाहिए। वहीं, आंदोलन से जुड़े लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने बिना पर्याप्त जानकारी दिए उन्हें प्रदर्शन स्थल से हटाया। दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस का कहना है कि लगातार गिरती स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए उन्हें तत्काल चिकित्सकीय निगरानी में ले जाना आवश्यक था।

इस कार्रवाई के बाद समर्थकों में नाराज़गी देखी गई। आंदोलन से जुड़े नेताओं ने कहा है कि उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा और आगामी कार्यक्रमों में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। सोशल मीडिया पर भी इस घटनाक्रम को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

सोनम वांगचुक का यह अनशन शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों और कथित परीक्षा अनियमितताओं के विरोध में चल रहा था। उनकी सेहत को लेकर पिछले कुछ दिनों से लगातार चिंता जताई जा रही थी। डॉक्टरों की निगरानी में अब उनका इलाज जारी है, जबकि देशभर में इस घटनाक्रम पर राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं।

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  • आबिदा सदफ बीते 4 वर्षों से मीडिया से जुड़ी रही हैं। इन्किलाब अखबार से अपने पत्रकारिता जीवन की शुरूआत की थी। आबिदा सदफ मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जनपद की रहने वाली हैं.

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SourceReuters

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