Uttar Pradesh :Agra: उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में सामने आया एक हत्याकांड पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस मामले ने लोगों को इसलिए भी हैरान कर दिया क्योंकि जिस व्यक्ति को लगभग 45 दिनों तक लापता बताया जाता रहा, उसका शव उसी घर के बाथरूम के फर्श के नीचे दबा मिला। पुलिस ने इस मामले में मृतक की पत्नी को गिरफ्तार किया है और अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हत्या किन परिस्थितियों में हुई, इसके पीछे क्या वजह थी और क्या इस वारदात में किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका थी।

पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान 44 वर्षीय सुरेंद्र शर्मा उर्फ श्याम के रूप में हुई है। वह मूल रूप से राजस्थान के भरतपुर जिले के रहने वाले बताए जाते हैं और पिछले कई वर्षों से आगरा के सिकंदरा थाना क्षेत्र की रेनुका धाम कॉलोनी में अपने परिवार के साथ रह रहे थे। परिवार में उनकी पत्नी और दो बेटियां हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार दोनों की शादी करीब 16 वर्ष पहले हुई थी। शुरुआती वर्षों में पारिवारिक जीवन सामान्य बताया जाता है, लेकिन समय के साथ पति-पत्नी के बीच विवाद बढ़ने की बातें भी सामने आई हैं। हालांकि इन दावों की अंतिम पुष्टि अभी जांच पूरी होने के बाद ही होगी।

बताया जा रहा है कि मई महीने के मध्य में सुरेंद्र शर्मा अचानक घर से गायब हो गए। इसके बाद परिवार और पड़ोसियों को बताया गया कि वह कहीं चले गए हैं और जल्द लौट आएंगे। कई दिनों तक यही बात दोहराई जाती रही। जब काफी समय बीत गया और सुरेंद्र का कोई पता नहीं चला तो उनके परिजनों ने पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने गुमशुदगी के मामले के रूप में जांच शुरू की और धीरे-धीरे कई ऐसे तथ्य सामने आए जिनसे संदेह गहराने लगा।

जांच के दौरान पुलिस ने घर का निरीक्षण किया तो बाथरूम का फर्श हाल ही में दोबारा बनवाया गया दिखाई दिया। अधिकारियों को यह बात असामान्य लगी। इसके बाद मजदूर बुलाकर फर्श खुदवाया गया। खुदाई के दौरान नीचे से एक शव बरामद हुआ। शव काफी समय पुराना होने के कारण उसे पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया। बाद में शव की पहचान सुरेंद्र शर्मा के रूप में की गई।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान आरोपी पत्नी के बयानों में कई विरोधाभास मिले। इसी आधार पर उससे विस्तृत पूछताछ की गई। जांच के बाद हत्या और साक्ष्य मिटाने के आरोप में उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस का कहना है कि अब तक जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि हत्या किस प्रकार की गई और क्या शव को बाथरूम के नीचे दबाने में किसी अन्य व्यक्ति ने मदद की थी। फिलहाल इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल फोन, बैंक लेनदेन, फोरेंसिक रिपोर्ट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।

घटना की जानकारी सामने आते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल के बाहर जमा हो गए। सोशल मीडिया पर भी यह मामला तेजी से चर्चा में आ गया। हालांकि पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपुष्ट खबरों और अफवाहों पर विश्वास न करें तथा केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।

कुछ मीडिया रिपोर्टों में पति-पत्नी के बीच लंबे समय से घरेलू विवाद होने की बात कही गई है। वहीं आरोपी महिला ने पूछताछ के दौरान कुछ निजी आरोप भी लगाए हैं। लेकिन पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इन सभी दावों की जांच की जा रही है और अंतिम निष्कर्ष केवल वैज्ञानिक साक्ष्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।

कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी आपराधिक मामले में अदालत का फैसला आने तक आरोपी को दोषी मान लेना उचित नहीं है। इसलिए इस मामले में भी पुलिस जांच और अदालत की प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार किया जाना चाहिए।

फिलहाल आगरा पुलिस इस चर्चित हत्याकांड की हर कड़ी जोड़ने में लगी हुई है। आने वाले दिनों में फोरेंसिक रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर चार्जशीट दाखिल की जाएगी। इसके बाद अदालत में इस मामले की सुनवाई होगी और तभी इस पूरे घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।


