Monday, October 26, 2026
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हुदा जरीवाला रिहा: जमानत के बाद जेल से बाहर आईं,

जमानत मिलने के बाद हुदा जरीवाला की रिहाई, मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया पर नजर

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Abida Sadaf
Abida Sadafhttp://globalboundary.in
आबिदा सदफ बीते 4 वर्षों से मीडिया से जुड़ी रही हैं। इन्किलाब अखबार से अपने पत्रकारिता जीवन की शुरूआत की थी। आबिदा सदफ मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जनपद की रहने वाली हैं.

सहारनपुर, उत्तर प्रदेश। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और पत्रकार हुदा जरीवाला को सहारनपुर मामले में अदालत से बड़ी राहत मिली है। शांतिभंग के आरोप में न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद अब उन्हें जमानत मिलने पर जेल से रिहा कर दिया गया है। उनकी रिहाई के बाद यह मामला एक बार फिर उत्तर प्रदेश की राजनीति और सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े अन्य बिंदुओं की जांच अभी भी जारी है।

यह मामला उस समय शुरू हुआ जब सहारनपुर के कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित एक मस्जिद को प्रशासन द्वारा हटाए जाने की कार्रवाई हुई। इस कार्रवाई के विरोध में कई सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने अपनी प्रतिक्रिया दी। इसी दौरान हुदा जरीवाला भी सहारनपुर पहुंचीं और प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठाए। बाद में उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया।

पुलिस के अनुसार, वायरल वीडियो और सार्वजनिक स्थल पर हुई गतिविधियों के आधार पर हुदा जरीवाला के खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई की गई। उन्हें हिरासत में लेकर अदालत में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। बाद में अदालत में हुई सुनवाई के दौरान उन्हें जमानत दे दी गई और कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद जेल से रिहा कर दिया गया।

जेल से बाहर आने के बाद हुदा जरीवाला ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और वह अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों का जवाब कानून के दायरे में देंगी। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी मामले का समाधान संवैधानिक और कानूनी प्रक्रिया के तहत होना चाहिए। वहीं उनके समर्थकों ने उनकी रिहाई का स्वागत किया और जेल के बाहर मौजूद रहकर उनका अभिवादन किया।

दूसरी ओर सहारनपुर पुलिस का कहना है कि शांतिभंग के मामले में जमानत मिलना केवल एक कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है। पुलिस के मुताबिक वायरल वीडियो, सोशल मीडिया पोस्ट और अन्य आरोपों की जांच अलग से जारी है। यदि जांच में किसी अन्य कानून के उल्लंघन के प्रमाण मिलते हैं, तो उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

इस पूरे मामले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। विपक्ष के कुछ नेताओं ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़कर देखा है, जबकि सरकार समर्थक पक्ष का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है और किसी भी आपत्तिजनक या भड़काऊ बयान की जांच कानून के अनुसार की जानी चाहिए।

फिलहाल हुदा जरीवाला जेल से रिहा हो चुकी हैं, लेकिन मामले की कानूनी प्रक्रिया पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। पुलिस जांच और अदालत की आगामी कार्यवाही के आधार पर इस मामले में आगे की स्थिति स्पष्ट होगी। ऐसे में इस प्रकरण पर आने वाले दिनों में सभी की नजर बनी रहेगी।

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  • आबिदा सदफ बीते 4 वर्षों से मीडिया से जुड़ी रही हैं। इन्किलाब अखबार से अपने पत्रकारिता जीवन की शुरूआत की थी। आबिदा सदफ मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जनपद की रहने वाली हैं.

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