Bharat :भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर इन दिनों देशभर में बड़ा राजनीतिक विवाद देखने को मिल रहा है। मतदाता सूची की विशेष जांच (SIR) को लेकर उठे विवाद के बाद अब उनके इस्तीफे की मांग भी तेज हो गई है। कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं और यह मुद्दा लगातार चर्चा में बना हुआ है।

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की खुलकर मांग की है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके का कहना है कि चुनाव आयोग की मौजूदा कार्यप्रणाली पर लोगों का भरोसा कमजोर हुआ है। CJP ने चेतावनी दी है कि यदि ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं तो देशभर में बड़ा आंदोलन चलाया जाएगा। पार्टी ने अपने अभियान को “इलेक्शन कमीशन ठीक करो” नाम दिया है।

CJP का कहना है कि मतदाता सूची की विशेष जांच प्रक्रिया को रोककर उसकी स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए। पार्टी का आरोप है कि कई लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं दिखाई गई। इसी मांग को लेकर अलग-अलग राज्यों में धरना, प्रदर्शन और मार्च आयोजित किए जा रहे हैं।

इस मुद्दे पर विपक्षी दल भी चुनाव आयोग के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल और INDIA गठबंधन के कई नेताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का कहना है कि मतदाता सूची में किसी भी तरह की गड़बड़ी लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

दिल्ली, पटना, लखनऊ, चंडीगढ़, गुवाहाटी और कई अन्य शहरों में विरोध प्रदर्शन किए गए। कुछ जगहों पर प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग के कार्यालय तक मार्च निकालने की कोशिश की, जबकि कई स्थानों पर पुलिस ने उन्हें रोक दिया। कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया गया और कई जगह सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई।

दूसरी ओर चुनाव आयोग ने सभी आरोपों को खारिज किया है। आयोग का कहना है कि मतदाता सूची की विशेष जांच पूरी तरह कानून और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार की जा रही है। आयोग का दावा है कि इसका उद्देश्य केवल मतदाता सूची को सही और अद्यतन बनाना है, ताकि मृत, डुप्लीकेट और अपात्र नाम हटाए जा सकें और पात्र मतदाताओं के नाम सुरक्षित रहें।

फिलहाल ज्ञानेश कुमार ने इस्तीफे को लेकर कोई घोषणा नहीं की है। वहीं CJP ने आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है और विपक्ष भी इस मुद्दे को राजनीतिक मंचों और संसद में उठाने की तैयारी कर रहा है। ऐसे में चुनाव आयोग, विपक्ष और CJP के बीच यह विवाद आने वाले दिनों में और तेज हो सकता है।


