Friday, September 4, 2026
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दक्षिण अफ्रीका के मिडलबर्ग में 50 से अधिक लोगों ने सामूहिक रूप से इस्लाम कबूल किया

अल-खलील दावाह सेंटर की भूमि पर हुई ऐतिहासिक सभा

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Abida Sadaf
Abida Sadafhttp://globalboundary.in
आबिदा सदफ बीते 4 वर्षों से मीडिया से जुड़ी रही हैं। इन्किलाब अखबार से अपने पत्रकारिता जीवन की शुरूआत की थी। आबिदा सदफ मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जनपद की रहने वाली हैं.

South Africa :मिडलबर्ग (म्पुमालंगा प्रांत), दक्षिण अफ्रीका में हाल ही में एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक घटना घटी। वहाँ एक फार्म पर सामूहिक शहादत की सभा आयोजित की गई, जिसमें 50 से अधिक स्थानीय दक्षिण अफ्रीकी नागरिकों ने खुशी-खुशी इस्लाम कबूल किया। यह सभा उस भूमि पर हुई जहाँ अल-खलील दावा सेंटर स्थापित करने का कार्य प्रगति पर है।इस घटना की जानकारी घटना से जुड़े लोगों के सोशल मीडिया पोस्ट्स से मिली है। इंस्टाग्राम पर मोहम्मद जी ने लिखा कि आज मिडलबर्ग में सामूहिक शहादत का गवाह बने। उन्होंने बताया कि यह वही फार्म है जहाँ अल-खलील दावा सेंटर बनाने की योजना है। यह सेंटर अल्लाह की ओर बुलाने, इस्लाम सिखाने, नए मुसलमानों का समर्थन करने और व्यापक समुदाय की सेवा करने के लिए समर्पित होगा।

 

उन्होंने कहा कि आज की घटना ने साबित कर दिया कि इस काम की कितनी जरूरत है और इंशाअल्लाह यह सिर्फ शुरुआत यह सभा अल-खलील दावा सेंटर के विकास से जुड़े स्थानीय आउटरीच और दावा प्रयासों का हिस्सा थी।अल-खलील दावा सेंटर के संस्थापक शेख सुलेमान गनी हैं। वे दक्षिण अफ्रीकी मूल के हैं और नियमित रूप से देश का दौरा करते रहते हैं। उन्होंने देखा कि मिडलबर्ग और जोहान्सबर्ग जैसे क्षेत्रों में लोग इस्लाम के प्रति खुले हैं, लेकिन वहाँ व्यवस्थित दावा और मार्गदर्शन की कमी है। इसी कमी को पूरा करने के लिए यह सेंटर शुरू किया गया है। सेंटर का मिशन इस्लामी ज्ञान का प्रकाश फैलाना, समुदायों को जोड़ना और दक्षिण अफ्रीका में दावाह को पुनर्जीवित करना है। विजन यह है कि यह एक ऐसा व्यापक इस्लामी केंद्र बने जहाँ मुसलमान और गैर-मुसलमान दोनों इस्लाम की खूबसूरती को समझ सकें।

 

अभी सेंटर निर्माण के चरण में है। इसके लिए सहयोग की अपील की जा रही है ताकि यह जगह आने वाली पीढ़ियों के लिए हिदायत और सेवा का केंद्र बन सके। नए मुसलमानों के लिए आगे शिक्षा, समर्थन और समुदाय में शामिल होने की व्यवस्था भी की जाएगी। यह घटना दक्षिण अफ्रीका में शांतिपूर्ण दावा के प्रयासों को और मजबूत करती है।आज कई लोग इस्लाम के बारे में गलत धारणाएँ फैलाते हैं। कुछ लोग कहते हैं कि इस्लाम तलवार के जोर से फैला। यह आरोप अधूरा और गलत है। इस्लाम मुख्य रूप से शांतिपूर्ण तरीकों से फैला। अरब व्यापारियों, विद्वानों और दाईयों ने अपने अच्छे व्यवहार, ईमानदारी और ज्ञान से लोगों के दिल जीते। इंडोनेशिया, मलेशिया, पूर्वी अफ्रीका और भारत के कई हिस्से में इस्लाम तलवार के बिना फैला। कुरान में साफ कहा गया है कि “दीन में कोई जबरदस्ती नहीं” (सूरह अल-बकरा 2:256)। सच्चा इस्लाम दिल की सहमति, ज्ञान और अच्छे आचरण से फैलता है। मिडलबर्ग जैसी घटनाएँ आज भी इसी शांतिपूर्ण दावा का जीवंत उदाहरण हैं।

 

 

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  • आबिदा सदफ बीते 4 वर्षों से मीडिया से जुड़ी रही हैं। इन्किलाब अखबार से अपने पत्रकारिता जीवन की शुरूआत की थी। आबिदा सदफ मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जनपद की रहने वाली हैं.

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