Gaza: सीजफायर की प्रगति: 2 जुलाई 2025 को, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि इजरायल ने गाजा में हमास के साथ 60 दिनों के सीजफायर के लिए आवश्यक शर्तों को स्वीकार कर लिया है। यह खबर गाजा में आशा की किरण लेकर आई, जहाँ स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि पिछले 24 घंटों में इजरायली हमलों में कम से कम 20 लोग मारे गए। 3 जुलाई 2025 को, ट्रंप ने दोबारा पुष्टि की कि इस सीजफायर से गाजा में राहत की उम्मीद है, हालाँकि पिछले 24 घंटों में 139 फलस्तीनियों की मौत की खबर भी सामने आई।
- मध्यस्थता: कतर और अमेरिका इस सीजफायर में मध्यस्थता कर रहे हैं। कतर ने गाजा में सीजफायर को इजरायल के लिए बड़े कूटनीतिक लाभों, जैसे सऊदी अरब के साथ बातचीत और सीरिया के साथ शत्रुता समाप्त करने की घोषणा से जोड़ने की कोशिश की है।

- पहले के समझौते: 19 जनवरी 2025 को, इजरायल और हमास के बीच एक सीजफायर लागू हुआ था, जिसमें पहले चरण में 33 जीवित और मृत इजरायली बंधकों के बदले 1,900 फलस्तीनी कैदियों को रिहा करने की योजना थी। इसमें 1,167 गाजा के निवासी शामिल थे। यह समझौता कतर के विदेश मंत्रालय द्वारा पुष्ट किया गया था, और यह स्थानीय समयानुसार सुबह 8:30 बजे से प्रभावी हुआ।
- वर्तमान चुनौतियाँ: हालाँकि सीजफायर की बात चल रही है, इजरायली सेना ने उत्तरी और दक्षिणी गाजा में भारी हमले जारी रखे हैं, जिसमें घरों के समूह नष्ट हो गए। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 20 महीने से अधिक समय से चल रहे संघर्ष में 56,500 से अधिक लोग मारे गए हैं। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर हमास के साथ स्थायी समझौते में बाधा डालने का आरोप है, क्योंकि वह केवल अस्थायी समझौते पर जोर दे रहे हैं, जिसमें 10 बंधकों की रिहाई शामिल है।
- बंधकों और कैदियों की रिहाई: प्रस्तावित 60-दिवसीय सीजफायर में बंधकों और कैदियों की अदला-बदली शामिल हो सकती है, जैसा कि जनवरी 2025 के समझौते में देखा गया था। इसमें बच्चों, महिलाओं, और बीमार बंधकों को प्राथमिकता दी जाएगी।

- इजरायल की शर्तें: नेतन्याहू ने हमास के पूर्ण उन्मूलन को प्राथमिकता दी है, जिसके कारण स्थायी सीजफायर की वार्ता बार-बार विफल हो रही है।
- हमास की माँग: हमास चाहता है कि युद्ध पूरी तरह समाप्त हो, न कि केवल अस्थायी सीजफायर।
- कतर की भूमिका: कतर ने गाजा में मानवीय सहायता और पुनर्निर्माण के लिए भी प्रयास तेज किए हैं, ताकि सीजफायर को टिकाऊ बनाया जा सके।
- हमले जारी: सीजफायर की घोषणा के बावजूद, इजरायली सेना ने गाजा में हमले जारी रखे हैं। 1 जुलाई को, उत्तरी और दक्षिणी गाजा में भारी बमबारी की खबरें थीं, और यमन से हूती समूहों द्वारा रॉकेट हमले भी हुए, जो गाजा में युद्ध रोकने के लिए दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
- नेतन्याहू की वाशिंगटन यात्रा: इजरायली अधिकारी ने बताया कि नेतन्याहू जल्द ही वाशिंगटन का दौरा कर सकते हैं, जिससे नए समझौते की संभावना बढ़ रही है।

- सार्वजनिक माँग: तेल अवीव में बंधकों के परिजनों ने सीजफायर डील को जल्द लागू करने की माँग की है, जबकि कुछ इजरायली समूह हमास के साथ किसी भी समझौते का विरोध कर रहे हैं।
- मानवीय संकट: गाजा में स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, हाल के हमलों में मरने वालों की संख्या बढ़ रही है। 1 जून को खान यूनुस में राहत सामग्री वितरण के दौरान गोलीबारी में 30 से अधिक फलस्तीनियों की मौत हुई, जिसके लिए इजरायल और हमास एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं।
- विस्थापन: इजरायली सेना ने उत्तरी गाजा से फलस्तीनियों को सामूहिक रूप से निकालने का आदेश दिया है, जिससे मानवीय संकट और गहरा गया है।
4 जुलाई 2025 तक, इजरायल और हमास के बीच 60 दिनों का सीजफायर प्रस्तावित है, जिसे अमेरिका और कतर समर्थन दे रहे हैं। ट्रंप ने 2 और 3 जुलाई को इसकी पुष्टि की, लेकिन इजरायली हमले और हमास की स्थायी युद्धविराम की माँग के कारण प्रगति धीमी है। कतर इस समझौते को क्षेत्रीय कूटनीतिक लाभों से जोड़ रहा है। हालाँकि, गाजा में हमले और मानवीय संकट जारी है, जिससे सीजफायर का भविष्य अनिश्चित है।


