Delhi : कांग्रेस ने देश के आज़ादी पर बहुत बड़े खतरे से चेतावनी देते हुए कहा कि हम सब को वोट देने का महातेव्पूर्व अधिकार है. जिस पर हमला करने कि साजिश कि जा रही है इलेक्शन कमिशन कठपुतली है जो यह क़दम उठा रहा है और हम इस मामले पर लगातार आवाज़ उठा रहे हैं पार्टी ने इलेक्शन कमिशन कि सख्त आलोचना करते हुए कहा कि वह बीजेपी कि गुलामी करना बंद कर दे 20 फीसद वोट देने वालों कि कोशिश ख़त्म कि जा रही है.
नई दिल्ली में पार्टी के हेड कवार्टर में आज महातेव्पूर्व प्रेस कॉन्फ्रेंस से सम्मान देते हुए पार्टी के कौमी तर्जुमान पवन खेड़ा बिहार कांग्रेस के सदर राजेश कुमार और रियासत के लिए पार्टी के इंचार्ज किरिष्ण अलावरोने इलेक्शन कमिशन के कारनामे पर सख्त आलोचना की पवन खेड़ा ने आलोचना करते हुए कहा कि चीफ इलेक्शन कमिशन ने एक नई परम्परा शुरू की है जिस में वह पत्रकारों को सन्देश भेज कर ख़बरें लगाते हैं और यह समझते हैं कि मामला ख़ुफ़िया रहेगा उन्होंने आशचर्य किया है कि जब लोक सभा में अपोजीश लीडर राहुल गाँधी या राज्य सभा में अपोजीश लीडर कांग्रेस के सदर मल्कारजिनखडगे यह माँग करते हैं कि उन्हें वोटर लिस्ट और वोटिंग के दिन कि चित्र भेजी जाए तो इलेक्शन कमिशन कई माह तक कोई जवाब नहीं देता लेकिन वह एक माह के अंदर बिहार की पूरी लिस्ट तैयार करेगा.

पवन खेड़ा ने कहा कि मुल्क के अलग अलग संस्था में मौजूद लोगों को समझ लेना चाहिए कि वह जिन कुर्सियों पर बैठें हैं इस से पहले इन से काबिल लोग बैठ चुके हैं लेकिन यह लोग अपने पीछे कोन सी लेगिसी छोड़ कर जाएंगे.
कांग्रेस के कौमी पर्वक्ता ने कमिशन पर अपोजीश के पर्तिनिधिमंडल को अपमानित करने का इल्जाम लगाते हुए कहा कि कमिशन ने हमें यह कह कर अपमान किया कि जिन लोगों ने मिलने के लिए समय माँगा वह ठीक नहीं हैं इस से हमें यह महसूस हुआ कि हम गलत जगह पर चले गएँ हैं उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि इलेक्शन कमिशन को अपने भवन में बैठने कि ज़रुरत नहीं बीजेपी का एक बड़ा हेड कार्टर है उन्हें वहां एक फ्लोर लेकर बैठ जाना चाहिए अगर इलेक्शन कमिशन सिर्फ बि चवलिया है तो हम उनसे भेंट नहीं करेंगे बल्कि सीधे बीजेपी से बात करेंगे.
बिहार कांग्रेस के सदर राजेश कुमार ने कहा कि इलेक्शन कमिशन के बात चीत से अंदाज़ा हो रहा है कि बिहार में 20 फीसद वोट देने वालों से उनका हक़ छीन लिया जाएगा उनहोंने कहा कि सिर्फ एक माह में इस्पेशल इन्तान्सियो रियोविज़नकरने का फैसला किया गया है हर काम के लिए आधार कार्ड ज़रूरी है लेकिन इसे अनुवाद से नहीं जोड़ा जा रहा है यह बिहार के साथ नाइंसाफी है.


