लखनऊ: 15 फरवरी 2026 को सफा इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया लिटरेसी फाउंडेशन ने ऐश बाग के रशीद बारादरी में एक अवार्ड कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स को “डिजिटल कंटेंट एक्सीलेंस अवॉर्ड” 2025 से सम्मानित किया गया। इस मौके पर एक पैनल डिस्कशन भी रखा गया,जिसमें शहर की बड़ी हस्तियों ने डिजिटल मीडिया की ताकत, सोशल मीडिया के इस्तेमाल और नई पीढ़ी को टेक्नोलॉजी को सीखने की सलाह दी।

कार्यक्रम की शुरुआत कुरान की तिलावत से हुई। मुहम्मद यमान मुस्तफा ने कुरान की तिलावत की। सालेहा खातून ने हम्द पेश की और जमशेद कादरी ने नात पढ़ी।
मुफ्ती मुनव्वर सुल्तान नदवी ने शुरुआती भाषण में कहा:
“डिजिटल मीडिया आने से बहुत सारे नए मौके मिले हैं। हमें इनका पूरा फायदा उठाना चाहिए। उन्होंने बताया कि भारत में हर व्यक्ति रोज औसतन ढाई घंटे सोशल मीडिया पर बिताता है। इस लिए कौम के नौजवानों को Narrative Building की दिशा में काम करने की ज़रुरत है”

कार्यक्रम के पहले हिस्से का संचालन मौलाना मुहम्मद सलमान सिद्दीकी नदवी ने किया। दूसरे हिस्से में पैनल चर्चा और अवॉर्ड बांटे गए, जिसकी देखरेख संसथान के कन्वीनर मुहम्मद गुफरान नसीम नदवी ने की।
पैनल चर्चा में मुख्य बातें
इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया लखनऊ के चेयरमैन मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली की अध्यक्षता में पैनल हुआ।

पैनल चर्चा में शामिल थे:
हिंदुस्तान टाइम्स के सीनियर रिपोर्टर श्री तारिक खान
ऑल इंडिया रेडियो के पूर्व हेड मेराजुद्दीन खान
रिटायर्ड भारतीय सूचना सेवा अधिकारी और यूपी के पूर्व सूचना आयुक्त हाफिज उस्मान
इंटीग्रल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर शाफे अनवारुल हक
सभी ने कहा:
किसी भी समाज में अपनी बात लोगों तक पहुंचाने के लिए मीडिया बहुत जरूरी है।
आज सोशल मीडिया, डिजिटल प्लेटफॉर्म और मोबाइल जर्नलिज्म बहुत महत्वपूर्ण हो गए हैं।
हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि सही बात बताए, गलत सूचनाओं को रोके और लोगों को अच्छी राह दिखाए।
नई पीढ़ी को टेक्नोलॉजी अच्छे से सीखनी चाहिए और सही तरीके से इस्तेमाल करना चाहिए।
अपनी जगह बनाने के लिए बहुत ज्यादा मेहनत और लगन की जरूरत है।

अवॉर्ड कैसे दिए गए?
सफा इंस्टीट्यूट ने यूट्यूब, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर अलग-अलग कैटेगरी में नाम मंगाए थे, जैसे:
करंट अफेयर्स
सोशल मुद्दे
मुस्लिम कम्युनिटी के मुद्दे
ह्यूमन राइट्स
महिलाओं और बच्चों के मुद्दे
ऑनलाइन पढ़ाई
टेक मीडिया
लखनवी संस्कृति आदि

लखनऊ से ही 35 से अधिक डिजिटल जर्नलिस्ट और कंटेंट क्रिएटर शामिल हुए।

जूरी में थे:
डॉ. नसीब अहमद
डॉ. शाफे अनवारुल हक
डॉ. अशफाक अहमद
मुहम्मद शबाब
टेक्निकल मदद शाहजी खान नदवी ने की। जूरी ने हर कैटेगरी में सबसे अच्छे काम चुने और सभी कैटेगरी के बेस्ट क्रिएटर्स को अवॉर्ड दिए गए।

कार्यक्रम में कई खास लोग आए, जैसे डॉ. आलमीन, मुहम्मद खालिद, मौलाना जहांगीर आलम कासमी, कमर-उल-ज़मान नदवी, मौलाना सैयद मुहम्मद हुसैन हाशमी, अब्दुल नसीर नासिर, नजमुल हसन, कारी शमसुल हुदा रहमानी, एडवोकेट ओसामा, एडवोकेट अब्दुल हफीज, प्रोफेसर सुमामा फैसल, शाहीन इस्लाम, अज़रा जीलानी, अयाज खान, खालिद हलीम, सऊदुल हसन, डॉ. असद मोनिस, डॉ. तबस्सुम खान आदि।
अंत में मौलाना मुस्तफा नदवी मदनी ने युवाओं को हौसला दिया और सबका शुक्रिया अदा किया।

यह कार्यक्रम दिखाता है कि डिजिटल मीडिया का सही दिशा में और ज़िम्मेदारी से इस्तेमाल करके समाज की भलाई में बड़ा योगदान किया जा सकता है।


