UAE :हिंद अल ओवैस एक बहुत नामी UAE की महिला राजनयिक हैं। वे महिलाओं के अधिकार और इंसानी हकों (मानवाधिकार) के लिए काम करती रही हैं। उन्होंने UAE का नाम दुनिया के बड़े मंचों पर बहुत अच्छे से रखा है।

उनका शुरुआती जीवन और पढ़ाई
हिंद अल ओवैस का जन्म UAE में हुआ। उन्होंने न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी से पब्लिक पॉलिसी में मास्टर डिग्री ली। फिर लेबनानी अमेरिकन यूनिवर्सिटी से इंटरनेशनल अफेयर्स में दूसरी मास्टर डिग्री हासिल की। ये पढ़ाई ने उन्हें दुनिया के बड़े मुद्दों को समझने में बहुत मदद की।

काम की शुरुआत
साल 2000 में उन्होंने UAE के विदेश मंत्रालय में नौकरी शुरू की। वहाँ वे विदेश मंत्री की स्पेशल असिस्टेंट रहीं।
बाद में वे UAE की यूनाइटेड नेशंस (संयुक्त राष्ट्र) मिशन में काउंसलर और एक्टिंग डिप्टी परमानेंट रिप्रेजेंटेटिव बनीं। वहाँ उन्होंने महिलाओं, सुरक्षा और शांति से जुड़े कई काम किए।

बहुत बड़ी सफलता
सितंबर 2015 में हिंद अल ओवैस न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में सीनियर एडवाइजर बनीं। ये UAE के लिए बहुत बड़ी बात थी – 1971 से UAE संयुक्त राष्ट्र में है, लेकिन वे पहली Emirati महिला थीं जो इतने बड़े पद पर पहुँचीं।
वहाँ उन्होंने महिलाओं और पुरुषों के बराबर अधिकार (जेंडर इक्वालिटी) को दुनिया की नीतियों में शामिल करने पर काम किया।

एक्सपो 2020 दुबई में योगदान
एक्सपो 2020 दुबई में वे इंटरनेशनल पार्टिसिपेंट्स की सीनियर वाइस प्रेसिडेंट थीं। उन्होंने दुनिया भर के लोगों को एक्सपो में शामिल होने में मदद की।
आज का पद
अभी वे UAE की परमानेंट कमिटी फॉर ह्यूमन राइट्स (PCHR) की डायरेक्टर हैं। इस पद पर वे इंसानी हकों को बेहतर बनाने के कार्यक्रम चलाती हैं। वे अंतरराष्ट्रीय मीटिंग्स में UAE की तरफ से बोलती हैं और महिलाओं के अधिकारों पर जोर देती हैं।

अब क्यों चर्चा में हैं? –
एपस्टीन फाइल्स विवाद
फरवरी 2026 में अमेरिकी न्याय विभाग ने जेफरी एपस्टीन (एक दोषी सेक्स ट्रैफिकर और पेडोफाइल) से जुड़ी फाइल्स जारी कीं। इनमें हिंद अल ओवैस का नाम 469 ईमेल्स में आया है। ये ईमेल 2011-2012 के हैं।
ईमेल्स में एपस्टीन के साथ मीटिंग्स प्लान करने की बात है।

कुछ ईमेल्स में उनकी छोटी बहन (जो उस समय किशोर उम्र की बताई जा रही है, कुछ रिपोर्ट्स में 13 साल की) से मिलवाने की चर्चा है।
एक ईमेल में लिखा है: “वह मुझसे भी ज्यादा सुंदर है” (about her sister)।
मीटिंग्स और “गर्ल्स” से जुड़ी बातें हैं।
ये ईमेल्स सोशल मीडिया और न्यूज में वायरल हो गए हैं। लोग कह रहे हैं कि महिलाओं के अधिकारों की पैरोकार होने के बावजूद ये बातें उनकी छवि के खिलाफ हैं। ऑनलाइन बहुत गुस्सा और बहस हो रही है।

महत्वपूर्ण बात: इन दस्तावेजों में हिंद अल ओवैस पर कोई आपराधिक आरोप नहीं लगा है। कोई चार्ज नहीं हुआ है। सिर्फ पुराने ईमेल्स सामने आए हैं, जो सोशल संपर्क दिखाते हैं। लेकिन ये खुलासा होने से उनकी मानवाधिकार वाली भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।
कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि UAE में उनके पद पर बदलाव हो सकता है, लेकिन आधिकारिक पुष्टि नहीं है।
हिंद अल ओवैसUAE की महिलाओं के लिए प्रेरणा का उदाहरण रही हैं, लेकिन ये नई खबर ने सबको चौंका दिया है।


