Assam news : असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा से जुड़े एक वीडियो पर बड़ा विवाद हुआ है। असम बीजेपी के आधिकारिक एक्स (ट्विटर) हैंडल पर 7 फरवरी 2026 को एक वीडियो पोस्ट किया गया था। इस वीडियो में सरमा को राइफल से दो मुसलमानों की तस्वीरों पर पॉइंट ब्लैंक रेंज से गोली चलाते दिखाया गया था।

वीडियो में सरमा की असली फुटेज थी, जिसमें वे बंदूक चलाते नजर आ रहे थे, लेकिन मुसलमानों की इमेज एआई से बनाई गई थीं।
वीडियो के साथ कैप्शन था “पॉइंट ब्लैंक शॉट” और अन्य शब्द जैसे “फॉरेनर फ्री असम”, “नो मर्सी”, “क्यों पाकिस्तान नहीं गए?” और “बांग्लादेशियों को कोई माफी नहीं”।
ये शब्द बंगाली मूल के मुसलमानों को निशाना बनाते लग रहे थे, जिन्हें असम में अक्सर विदेशी या घुसपैठिए कहा जाता है।यह वीडियो पोस्ट होने के कुछ घंटों बाद ही डिलीट कर दिया गया, क्योंकि सोशल मीडिया पर बहुत विरोध हुआ।

विपक्षी पार्टियों ने इसकी कड़ी निंदा की। कांग्रेस ने इसे “नरसंहार की कॉल” बताया और कहा कि यह अल्पसंख्यकों के खिलाफ नफरत फैलाने वाला है।

कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने कहा कि यह संविधान पर हमला है और अदालत को खुद संज्ञान लेना चाहिए।
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सरमा पर मुसलमानों के खिलाफ नफरत फैलाने का आरोप लगाया है।

टीएमसी सांसद सागरिका घोष ने इसे शर्मनाक बताया और वीडियो बनाने वालों की गिरफ्तारी की मांग की।

हिमंता बिस्वा सरमा ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने ऐसा कोई वीडियो नहीं देखा है और उनके सोशल मीडिया अकाउंट से ऐसा कुछ शेयर नहीं किया गया।

बीजेपी की तरफ से अभी कोई आधिकारिक सफाई नहीं आई है, लेकिन विपक्ष का कहना है कि डिलीट करने से जिम्मेदारी खत्म नहीं होती।

यह विवाद असम में 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले हुआ है, जहां मुसलमानों और घुसपैठिए मुद्दा पहले से गर्म है। कई न्यूज रिपोर्ट्स में कहा गया है कि यह वीडियो राजनीतिक उकसावा था, लेकिन यह हिंसा भड़काने वाला लगता है।


