India : भारत दुनिया का सबसे बड़ा सोना खरीदने वाला देश है, लेकिन खुद निकालने में बहुत पीछे है। सालाना मांग करीब 800-900 टन है, जबकि उत्पादन सिर्फ 1.5-2 टन के आसपास रहता है। ज्यादातर सोना कर्नाटक से आता है। हाल के वर्षों में नए भंडार मिले हैं और कुछ जगहों पर काम शुरू होने की उम्मीद है।

- कर्नाटक: सोने का सबसे बड़ा राज्य
हट्टी गोल्ड माइंस (रायचूर जिला): भारत की एकमात्र बड़ी और लगातार चल रही सोने की खदान। यहां हर साल करीब 1.5-2 टन सोना निकलता है। 2025 में उत्पादन बढ़ाने की योजना है – अगले कुछ सालों में 5 टन तक पहुंच सकता है। यह खदान 2000 साल से ज्यादा पुरानी है और राज्य सरकार चलाती है।

कोलार गोल्ड फील्ड्स (KGF): पुरानी मशहूर खदान, जो 2001 में बंद हो गई थी। अब 2025-26 में पुराने टेलिंग्स (बचे हुए कचरे) से सोना निकालने की नई शुरुआत हुई है। आधुनिक तकनीक से सालाना करीब 750 किलो सोना निकालने का लक्ष्य है। यह पहली बार आजादी के बाद किसी पुरानी खदान को दोबारा चालू करने जैसा कदम है।

कर्नाटक कुल मिलाकर देश के 80% से ज्यादा सोने का उत्पादन करता है। नए एक्सप्लोरेशन भी चल रहे हैं।
- आंध्र प्रदेश: नई प्राइवेट खदान
जोनागिरी गोल्ड माइन (कर्नूल जिला): भारत की पहली बड़ी प्राइवेट सोने की खदान। डेक्कन गोल्ड माइंस कंपनी चला रही है। पहले चरण में सालाना 750 किलो सोना निकलेगा। 2025-26 में पूर्ण उत्पादन शुरू हो चुका या होने वाला है। यह देश के सोना आयात कम करने में मदद करेगा।

- बिहार: सबसे बड़ा भंडार, लेकिन अभी खनन नहीं
जमुई जिले में सबसे ज्यादा सोने का अयस्क (222 मिलियन टन से ज्यादा) मिला है – देश के कुल का करीब 44%। यह भंडार बहुत बड़ा है, लेकिन अभी खनन शुरू नहीं हुआ। भविष्य में बड़ा बदलाव ला सकता है।
- राजस्थान: नई उम्मीद
भूखिया-जगपुरा बेल्ट (बांसवाड़ा जिला) में बड़ा भंडार मिला है। कुल रिजर्व करीब 23% देश का। अभी एक्सप्लोरेशन चल रहा है, जल्दी खनन शुरू हो सकता है।

- अन्य राज्य जहां खोज हुई या छोटा उत्पादन
झारखंड: कुंदरकोचा में छोटी खदान चल रही है। परासी और लावा ब्लॉक में नई खोज।
ओडिशा: मयूरभंज और केवलझर में दो नए ब्लॉक 2026 में नीलामी के लिए तैयार। डेओगढ़ में 1685 किलो सोना वाला क्षेत्र मिला।
मध्य प्रदेमध्य प्रदेश: जबलपुर के पास सोने का अयस्क मिला, लाखों टन का अनुमान।
उत्तर प्रदेश: सोनभद्र में बड़ा भंडार, लेकिन अभी काम नहीं।

कुल स्थितिकुल स्थिति:
भारत में सोने के ज्ञात भंडार करीब 2200-2300 मीट्रिक टन हैं, लेकिन उत्पादन बहुत कम है। सरकार नई नीतियां ला रही है, प्राइवेट कंपनियां आ रही हैं, और 2030 तक आयात 15-20% कम करने का लक्ष्य है। हट्टी अभी भी मुख्य सोर्स है, लेकिन नए राज्य जैसे बिहार, राजस्थान और ओडिशा भविष्य के “गोल्ड हब” बन सकते हैं।



