Saturday, March 7, 2026
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जानिए अखलेश यादव की Love story.

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Abida Sadaf
Abida Sadafhttp://globalboundary.in
आबिदा सदफ बीते 4 वर्षों से मीडिया से जुड़ी रही हैं। इन्किलाब अखबार से अपने पत्रकारिता जीवन की शुरूआत की थी। आबिदा सदफ मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जनपद की रहने वाली हैं.

Lucknow: अखिलेश यादव एक प्रमुख भारतीय राजनेता और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, जिन्होंने उत्तर प्रदेश के सबसे कम उम्र के मुख्यमंत्री के रूप में अपनी पहचान बनाई।

जन्म और प्रारंभिक जीवन: अखिलेश यादव का जन्म 1 जुलाई 1973 को उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के सैफई गांव में हुआ था। उनके पिता मुलायम सिंह यादव, समाजवादी पार्टी के संस्थापक और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री, और माता मालती देवी थीं। उनके बचपन का नाम ‘टीपू’ था, जिसे सैफई के एक प्रधान ने रखा था।

शिक्षा: अखिलेश ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा इटावा के सेंट मेरी स्कूल और राजस्थान के धौलपुर मिलिट्री स्कूल से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने मैसूर (कर्नाटक) के श्री जयचमराजेंद्र कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री हासिल की। उन्होंने पर्यावरण अभियांत्रिकी में मास्टर्स डिग्री ऑस्ट्रेलिया के सिडनी विश्वविद्यालय से पूरी की।

प्रारंभिक रुचि: अखिलेश शुरू में राजनीति में नहीं आना चाहते थे और सेना में शामिल होने की इच्छा रखते थे। सिडनी में पढ़ाई के दौरान उन्होंने बिजनेस शुरू करने के बारे में भी सोचा, जैसे लिट्टी-चोखा की फास्ट-फूड चेन। हालांकि, उनके पिता के आग्रह पर वे राजनीति में आए।

डिंपल यादव से मुलाकात और प्रेम कहानी: अखिलेश यादव की शादी डिंपल यादव से 24 नवंबर 1999 को हुई। उनकी प्रेम कहानी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। अखिलेश और डिंपल की मुलाकात तब हुई जब डिंपल लखनऊ में पढ़ाई कर रही थीं। डिंपल उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल की रहने वाली हैं और उनके पिता रिटायर्ड कर्नल आरसीएस रावत हैं। दोनों की दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदली। अखिलेश उस समय 21 साल के थे।

परिवार का विरोध: अखिलेश और डिंपल की शादी को लेकर दोनों परिवारों में शुरू में विरोध था। मुलायम सिंह यादव इस शादी के खिलाफ थे क्योंकि डिंपल रावत समुदाय से थीं, जबकि यादव परिवार ओबीसी समुदाय से है। डिंपल के माता-पिता भी इस रिश्ते के लिए तैयार नहीं थे। अखिलेश ने अपनी दादी मूर्ति देवी को डिंपल के बारे में बताया, और बाद में स्वर्गीय अमर सिंह की मध्यस्थता से मुलायम सिंह को मनाया गया।

शादी का समारोह: 24 नवंबर 1999 को सैफई में आयोजित शादी समारोह में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, पूर्व प्रधानमंत्रियों नरसिम्हा राव, वीपी सिंह, चंद्रशेखर, और कई राजनीतिक व फिल्मी हस्तियां शामिल हुईं। इस शादी ने मुलायम सिंह की राजनीतिक लोकप्रियता को भी दर्शाया।

पारिवारिक जीवन: अखिलेश और डिंपल के तीन बच्चे हैं—दो बेटियां (अदिति और टीना) और एक बेटा (अर्जुन)। डिंपल यादव भी समाजवादी पार्टी की सक्रिय नेता हैं और मैनपुरी से सांसद रह चुकी हैं।

मुलायम सिंह यादव का परिचय: मुलायम सिंह यादव (22 नवंबर 1939 – 10 अक्टूबर 2022) समाजवादी पार्टी के संस्थापक और उत्तर प्रदेश के तीन बार मुख्यमंत्री रहे। वे लोहिया आंदोलन से प्रेरित थे और उत्तर प्रदेश की राजनीति में यादव-मुस्लिम और अन्य पिछड़े वर्गों का मजबूत आधार बनाने में सफल रहे।

पहली शादीमालती देवी: मुलायम सिंह की पहली शादी मालती देवी से हुई थी, जो एक कुशल गृहिणी थीं। अखिलेश यादव उनकी इकलौती संतान हैं। मालती देवी का निधन 2003 में हो गया था।

दूसरी शादीसाधना गुप्ता: मुलायम सिंह ने दूसरी शादी साधना गुप्ता से की। यह रिश्ता 1982 के आसपास शुरू हुआ जब साधना ने मुलायम की बीमार मां मूर्ति देवी की देखभाल की थी। इस रिश्ते से मुलायम का एक बेटा, प्रतीक यादव, है। साधना गुप्ता का निधन जुलाई 2022 में हुआ। मुलायम और साधना का रिश्ता शुरू में गुप्त रखा गया था, क्योंकि मुलायम पहले से शादीशुदा थे।

अखिलेश का रुख: अखिलेश और साधना गुप्ता के बीच रिश्ते सामान्य थे, और मुलायम के निधन के समय अखिलेश ने परिवार को एकजुट रखा। साधना गुप्ता की मृत्यु के समय भी अखिलेश और उनका परिवार एक साथ था। प्रतीक यादव और उनकी पत्नी अपर्णा यादव (जो बाद में बीजेपी में शामिल हो गईं) के साथ अखिलेश के रिश्ते औपचारिक रहे, लेकिन कोई सार्वजनिक विवाद सामने नहीं आया। यह कहना मुश्किल है कि अखिलेश अपनी पिता की दूसरी शादी से पूरी तरह खुश थे या नहीं, क्योंकि इस पर उनकी ओर से कोई स्पष्ट बयान नहीं है।

प्रवेश और शुरुआत: अखिलेश ने 2000 में कन्नौज लोकसभा सीट से उप-चुनाव जीतकर राजनीति में कदम रखा। वे 2004 और 2009 में भी इस सीट से सांसद चुने गए। 2012 में, 38 साल की उम्र में, वे उत्तर प्रदेश के सबसे युवा मुख्यमंत्री बने

आधुनिकता और विकास: अखिलेश ने समाजवादी पार्टी की छवि को आधुनिक बनाने में योगदान दिया। उनकी साइकिल रैलियाँ युवाओं में खासी लोकप्रिय रहीं।

प्रमुख परियोजनाएँ: उनके कार्यकाल में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, लखनऊ मेट्रो, जनेश्वर मिश्र पार्क, और जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर जैसी परियोजनाएँ शुरू हुईं। उन्होंने यूपी 100 पुलिस सेवा, 108 एम्बुलेंस सेवा, और 1090 महिला हेल्पलाइन शुरू की।

युवा केंद्रित नीतियाँ: अखिलेश ने युवाओं के लिए मुफ्त लैपटॉप वितरण और किसानों के कल्याण के लिए कई योजनाएँ लागू कीं।

वर्तमान स्थिति: 2022 में अखिलेश करहल विधानसभा सीट से विधायक बने और 2024 में कन्नौज से लोकसभा सांसद चुने गए। वे वर्तमान में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और लोकसभा में पार्टी के संसदीय दल के नेता हैं।

रुचियाँ और व्यक्तित्व: अखिलेश को सादगी और आधुनिक सोच के लिए जाना जाता है। सिडनी में पढ़ाई के दौरान वे कम खर्चीले थे और अपने दोस्तों के साथ साधारण जीवन जीते थे। वे अमिताभ बच्चन के प्रशंसक हैं और उनके साथ सिडनी में मुलाकात का जिक्र करते हैं।

पारिवारिक मूल्य: अखिलेश अपने परिवार के प्रति समर्पित हैं। उनकी बेटी अदिति यादव ने 2024 के लोकसभा चुनाव में अपनी मां डिंपल के लिए प्रचार किया। अखिलेश का अपने चाचा शिवपाल यादव और अन्य परिवारजनों के साथ कभी-कभी तनाव रहा, लेकिन उन्होंने पार्टी को एकजुट रखने की कोशिश की।

अखिलेश यादव की जिंदगी एक साधारण शुरुआत से लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में शीर्ष स्थान तक की यात्रा है। उनकी शादी डिंपल यादव से एक प्रेम कहानी का परिणाम थी, जिसमें कई चुनौतियों के बाद सफलता मिली। मुलायम सिंह यादव की दो शादियों ने उनके परिवार की गतिशीलता को प्रभावित किया, लेकिन अखिलेश ने अपने पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाया। उनकी दूसरी मां साधना गुप्ता और सौतेले भाई प्रतीक के साथ उनके रिश्तों पर सार्वजनिक रूप से ज्यादा जानकारी नहीं है, लेकिन कोई बड़ा विवाद सामने नहीं आया। अखिलेश की उपलब्धियाँ, खासकर विकास कार्यों और युवा केंद्रित नीतियों ने उन्हें एक प्रगतिशील नेता के रूप में स्थापित किया।

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  • आबिदा सदफ बीते 4 वर्षों से मीडिया से जुड़ी रही हैं। इन्किलाब अखबार से अपने पत्रकारिता जीवन की शुरूआत की थी। आबिदा सदफ मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जनपद की रहने वाली हैं.

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