Saturday, March 7, 2026
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बंगलादेश: पासपोर्ट में इजराइल के लिए उपयोगी नहीं| तहरीर बहाल|

बंगलादेश की अंतरिम सरकार ने देश भर में फिलिस्तीनियों के हक़ में अधिक पैमाने पर होने वाले प्रदर्शनों के बाद पासपोर्ट में इस्राइल के लिए उपयोगी नहीं|की इबारत को बहाल क्र दिया|

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Abida Sadaf
Abida Sadafhttp://globalboundary.in
आबिदा सदफ बीते 4 वर्षों से मीडिया से जुड़ी रही हैं। इन्किलाब अखबार से अपने पत्रकारिता जीवन की शुरूआत की थी। आबिदा सदफ मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जनपद की रहने वाली हैं.

Dhaka:  बंगलादेश की अंतरिम सरकार ने देश भर में फिलिस्तीनियों के हक़ में अधिक पैमाने पर होने वाले प्रदर्शनों के बाद पासपोर्ट में इस्राइल के लिए उपयोगी नहीं|की इबारत को बहाल क्र दिया| जिस के अंतर्गत् इजराइल के सफर पर पाबंदी कर दी गई|बंगला देश की नीलिमा अफ़रोज़, उप सचिव, गृह मंत्रालय ने रविवार को तुर्की प्रसारक अनादोलु एजेंसी ने पुष्टि की कि आंतरिक मंत्रालय ने 7 अपरैल को एक हुक्म नामा जारी किया है जिस में आव्रजन और आव्रजन विभाग पासपोर्ट को उस शक को बहाल करने की अनुदेश की गई है|

जिस के अंतर्गत बंगलादेश के पासपोर्ट पर लिखा है कि ये पासपोर्ट इजराइल के इलावा दुन्या के तमाम मुमालिक के लिए उपयोग है नीलिमा अफरोज़ ने कहा कि आंतरिक सलाहकार जहांगीर आलम चौधरी ने आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए हैं और निर्णय को आधिकारिक रूप से लागू कर दिया है| २०२१ में अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख़ हसीना की सरकार ने पासपोर्टको अन्तर्राष्ट्रीय मानक के अनुसार ढालने का संदर्भह देते हुए उस इबारत को हटा दिया था

उस कारवाई को जनता की गंभीर नापसंद का सामना करना पड़ा था| हसीना वाजिद की सरकार को अगस्त २०२४ में बड़े पैमाने पर होने वाले विरोध प्रदर्शन के बाद साइड पर कर दिया गया था| हसीना वाजिद को बंगलादेश की जानिब से इजराइल को मान्यता ना किये जाने के बावजूद विपक्ष के नेताओं की देख भाल के लिए इजराइली स्पाईवेयर हासिल करने के आरोप का सामना करना पड़ा था|

हांलाकि अधिकारियों ने ज़ोर दे कर कहा था कि इजराइल के सफर पर प्रतिबंद अभी भी प्रभावी है| लेकिन उस शक को हटाने से मुस्लिम बहूल देश में आलोचना शुरू हो गई थी| पिछले साल राजनीतिक बदलाव के बाद गज़ा पर इजराइल के बढ़ते हुए हमलों के बीच उस शक को बहाल करने के मांगों में तेज़ी आई थी|

शनिवार को ढाका में फिलिस्तीनियों के हक में मुल्क की सबसे बड़ी रेली निकली गई जिस में गज़ा के लिए आयोजित मार्च में लाखों अफराद ने शिरकत कि| रेली के घोषणा में पासपोर्ट पर ‘इजराइल के सिवा’ की शक की बहाली को एक बुनियादी मांगों के तौर पर शामिल किया गया|

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  • आबिदा सदफ बीते 4 वर्षों से मीडिया से जुड़ी रही हैं। इन्किलाब अखबार से अपने पत्रकारिता जीवन की शुरूआत की थी। आबिदा सदफ मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जनपद की रहने वाली हैं.

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