Bihar: सुप्रीमकोर्ट ने बिहार में विशेष रूप से पुनः विचार करने कि दरख्वास्त के लिए इलेक्शन कमिशन आफइंडिया के फैसले को चैलेंज करने वाली दरख्वास्त को मंज़ूरी दे दी है .
अदालत में आज वरिष्ट अधिवक्ता कपिल सिब्बल डॉ अभिषेक मनु संघवी गोपाल शंकर नारायनऔर शादान फिरास्त सुधांशु धुलिय और जस्टिस जोय्मालिया बागची कि बेंच के सामने इस का ज़िक्र करते हुए तुरित सुनवाई कि अपील की है.

वरिष्ट वोकला ने वर्तमान इस्तीथी कि संगिनी का ज़िक्र करते हुए कहा कि इलेक्शन कमिशन के निर्देश के अनुसार जस्टिस सलाह देनेवाले खासतौर पर दस्तावेज़ के साथ जो फार्म जमा करने में नाकाम रहते हैं तो उन्हें लिस्ट से हटा दिया जाएगा. वह लोग जो पिछले 20 सालों से वोट दे रहे हैं. कई वकीलों ने बताया कि किस तरह इलेक्शन कमिशन आधार वोटर कार्ड को मंज़ूर नहीं कर रहा है.
काबिले जिक्र है कि सुप्रीमकोर्ट में सब से पहले इसके खिलाफ अर्जी एसोसियशन फॉर डेमोक्रेअटिक रिफार्म ने दायर कि थी कई याचिकाओं में राष्ट्रीय जनता दल के मिम्बर पार्लिमेंट मनोज झा पी.यू.सी.एल.राजनीतिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादो कोंग्रेस कि मिम्बर महुवामहोत्रा शामिल हैं .पार्टी ने कहा कि बिहार में वोटर लिस्ट कि पुनःविचार को सुप्रीमकोर्ट के सामने 9 पार्टियाँ चैलेंज कर रही हैं.पार्टी ने कहा आपोजिशन पूरी तरह से इस मुद्दा पर एक है. कांग्रेस ने कहा कि उसे पूरा भरोसा है कि अदालत में उसे इन्साफ मिलेगा क्यूंकि बिहार में असम्बली चुनाव से फौरन पहले इलेक्शन कमिशन कि तरफ से शुरू कि गई पुनः विचार कि जो कोशिश किजा रही है वह राज्य के अलग अलग देहातों और कस्बों में परेशानी की वजेह बन रही है और करोड़ों वोटरों में बेचैनी पैदा कर रही है जिन्हें अपने अधिकार के चोरी होने का डर है.

कोंग्रेस के जनरल सिक्रेटरी संगठन के सी वीनुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस ने अपोज़ीशन के कई पार्टियों के साथ मिलकर बिहार में वोटर लिस्ट के पुनः विचार के मुहीम के खिलाफ सुप्रीमकोर्ट कि तरफ रुख किया.उन्हों ने कहा कि इलेक्शन कमिशन के इस क़दम ने बिहार के देहातों और कस्बों में तबाही मचा दी है. जिससे करोड़ों वोटरों को इस बात पर शक है कि उन्हें वोट देने से रोक दिया जाएगा.यह बड़े पयमानेपर धांधली और जल्दबाज़ी है .

कांग्रेस के राष्टिरिये पर्वक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि कांग्रेस के साथ 9 राजनीति दलों ने मिल कर इलेक्शन कमिशन ऑफ़ इंडिया के जरिया इस तबाह व बर्बाद करने वाली पुनः विचार के मुहीम को एकजुटता हो कर चलेंजे किया है जिस कि वजेह से बड़ी तादाद में वोटर वोट देने से महरूम हो जाएंगे.


