Gujrat: गंभीरा पुल, गुजरात के वडोदरा जिले में पादरा-मुजपुर खंड पर महिसागर नदी पर बना है। यह पुल वडोदरा और आनंद जिलों को जोड़ता है, साथ ही मध्य गुजरात और सौराष्ट्र के बीच एक महत्वपूर्ण यातायात मार्ग के रूप में कार्य करता है।
- यह पुल लगभग 900 मीटर लंबा है और 23 खंभों (पियर्स) पर आधारित है, जो क्षेत्र की परिवहन व्यवस्था का अभinnभाग है।

- 1985 में निर्मित इस पुल का नियमित रखरखाव किया जाता था, लेकिन इस घटना ने इसके ढांचे की मजबूती पर सवाल उठाए हैं।
- 9 जुलाई 2025 को सुबह 7:30 बजे, पुल का एक हिस्सा (दो खंभों के बीच का स्लैब) अचानक ढह गया।
- इस हादसे में कई वाहन, जिनमें दो ट्रक, एक टैंकर और एक कार शामिल थे, महिसागर नदी में गिर गए, जिससे भारी नुकसान हुआ।
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- समाचार स्रोतों के अनुसार, इस हादसे में 8 से 9 लोगों की मौत हुई। वडोदरा के पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) रोहन आनंद और आनंद सांसद मितेश पटेल ने 8 मौतों की पुष्टि की, जबकि वडोदरा कलेक्टर अनिल धमेलिया ने 9 शव बरामद होने की जानकारी दी।
- कम से कम 6 लोग घायल हुए, जिनमें एक की हालत गंभीर है और उसे अस्पताल में भर्ती किया गया।

कुछ लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, और उनकी तलाश जारी है।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस, अग्निशमन दल, और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया। स्थानीय तैराकों और नावों की मदद से चार लोगों को सुरक्षित निकाला गया।
वडोदरा नगर निगम (VMC), आपातकालीन प्रतिक्रिया केंद्र, और अन्य प्रशासनिक इकाइयों ने क्रेन और अन्य उपकरणों के साथ बचाव कार्य में योगदान दिया।
नदी में तेज बहाव और मलबे ने बचाव कार्य को कठिन बनाया, जिससे अभियान में बाधाएँ आईं।
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की सहायता की घोषणा।

गुजरात सरकार ने मृतकों के परिवारों को 4 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि देने का ऐलान।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने तकनीकी विशेषज्ञों को घटनास्थल का दौरा कर ढहने के कारणों की गहन जांच करने का आदेश दिया।
गुजरात के मंत्री ऋषिकेश पटेल ने कहा कि पुल का नियमित रखरखाव किया जाता था, लेकिन इस घटना के सटीक कारणों का पता जांच के बाद ही चलेगा।
गुजरात कांग्रेस विधायक दल के नेता अमित चावड़ा ने इस घटना को सरकार की लापरवाही का परिणाम बताते हुए जवाबदेही की मांग की। उन्होंने इस महत्वपूर्ण मार्ग की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाए।
ढहने का सटीक कारण अभी अस्पष्ट है, लेकिन प्रारंभिक अनुमानों में पुराने ढांचे की कमजोरी और रखरखाव की कमी की ओर इशारा किया गया है। तकनीकी जांच के परिणामों का इंतजार है।
पुल का ढहना एक दुखद और गंभीर घटना है, जिसने गुजरात में बुनियादी ढांचे की सुरक्षा और रखरखाव पर सवाल खड़े किए हैं।


