Saturday, March 7, 2026
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जानिए छांगुर बाबा की पूरी कहानी.

उत्तर प्रदेश एटीएस ने छांगुर बाबा को लखनऊ के एक होटल से 5 जुलाई 2025 को गिरफ्तार किया। उनकी सहयोगी नीतू उर्फ नसरीन को भी हिरासत में लिया गया। उनकी गिरफ्तारी के लिए 50,000 रुपये का इनाम घोषित था।

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Abida Sadaf
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आबिदा सदफ बीते 4 वर्षों से मीडिया से जुड़ी रही हैं। इन्किलाब अखबार से अपने पत्रकारिता जीवन की शुरूआत की थी। आबिदा सदफ मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जनपद की रहने वाली हैं.

Balrampur: जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में एक बड़े अवैध धर्मांतरण रैकेट का मुख्य आरोपी है।बताया जाता है कि वह पहले साइकिल पर छल्ले और ताबीज बेचते थे, लेकिन बाद में उनहोंने करोड़ों की संपत्तिअर्जित की, जिसमें 40 बैंक खातों में 106 करोड़ रुपये और कई लग्जरी संपत्तियां शामिल हैं।

  • उनपर 40 से अधिक बैंक खातों और शेल संगठनों के जरिए बड़े पैमाने पर वित्तीय धोखाधड़ी का आरोप है
  • बताया जाता है कि बलरामपुर में उनकी 3 करोड़ की आलीशान हवेली,है  जिसमें गुप्त कमरे, लग्जरी सामान, मिनी-पावरहाउस, और विदेशी नस्ल के कुत्ते थे,इस हवेली को अवैध रूप से सरकारी जमीन पर बनाने का आरोप है
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  • उत्तर प्रदेश एटीएस ने छांगुर बाबा को लखनऊ के एक होटल से 5 जुलाई 2025 को गिरफ्तार किया। उनकी सहयोगी नीतू उर्फ नसरीन को भी हिरासत में लिया गया। उनकी गिरफ्तारी के लिए 50,000 रुपये का इनाम घोषित था।
  • 8 जुलाई 2025 से छांगुर बाबा के कोठी पर बुलडोजर कार्रवाई शुरू हुई, जो तीन दिनों तक चली। कहा जाता है कि यह कोठी सरकारी जमीन पर बनी थी।
  • प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छांगुर बाबा की 100 करोड़ की संपत्ति की जांच शुरू की। उनके 40 बैंक खातों और विदेशी फंडिंग की जांच की जा रही है, जिसमें मनी लॉन्ड्रिंग का भी संदेह है।
    • नीतू उर्फ नसरीन के मधपुर स्थित मकान पर बेदखली का नोटिस लगाया गया।
    • बलरामपुर की सीजेएम कोर्ट के लिपिक राजेश उपाध्याय को छांगुर के साथ संबंध के चलते पद से हटाया गया।
  • छांगुर बाबा को 7 दिन की एटीएस रिमांड पर भेजा गया है ।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले में सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया है। उन्होंने सभी अवैध संपत्तियों को जब्त करने और कठोर कानूनी कार्रवाई का आदेश दिया है ।

उनकी गिरफ्तारी, संपत्तियों पर बुलडोजर कार्रवाई, और ईडी की जांच से यह स्पष्ट है कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से ले रहा है। जांच अभी जारी है,

 

 

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  • आबिदा सदफ बीते 4 वर्षों से मीडिया से जुड़ी रही हैं। इन्किलाब अखबार से अपने पत्रकारिता जीवन की शुरूआत की थी। आबिदा सदफ मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जनपद की रहने वाली हैं.

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