Madhy Pardesh Indore: हाल ही में मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में स्थित महाराजा यशवंतराव अस्पताल (MYH) में हुई एक दुखद घटना से संबंधित है। विभिन्न विश्वसनीय समाचार स्रोतों के अनुसार, अस्पताल के नवजात गहन चिकित्सा इकाई (NICU) में भर्ती दो नवजात शिशुओं को चूहों ने काट लिया, जिसके बाद उनकी मृत्यु हो गई। यह घटना 30 और 31 अगस्त 2025 को हुई, जिसमें एक नवजात की मृत्यु 2 सितंबर को और दूसरे की 3 सितंबर 2025 को हु आ ।
घटना का विवरण: पहला नवजात:
यह 10 दिन की बच्ची थी, जिसे उसके परिजन 24 अगस्त को अस्पताल में छोड़कर चले गए थे। 31 अगस्त को चूहों ने उसे काट लिया, और 2 सितंबर को उसकी मृत्यु हो गई। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, बच्ची जन्मजात गंभीर हृदय रोग और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित थी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मल्टीपल ऑर्गन फेल्योर और सेप्टिसीमिया (रक्त संक्रमण) को मृत्यु का कारण बताया गया।
दूसरा नवजात :
यह नवजात देवास से रेफर किया गया था और NICU में भर्ती था। चूहों ने इसके कंधे और हाथ को काटा था। इसकी मृत्यु 3 सितंबर को हुई। अस्पताल का कहना है कि बच्ची की आंतों में जटिलताएँ थीं और उसका ऑपरेशन किया गया था। परिजनों ने पोस्टमॉर्टम से इनकार किया, इसलिए मृत्यु का सटीक कारण स्पष्ट नहीं हो सका।
अस्पताल प्रशासन का बयान:
अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अशोक यादव और डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने दावा किया कि दोनों नवजातों की मृत्यु चूहों के काटने से नहीं, बल्कि उनकी पहले से मौजूद गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं (जैसे निमोनिया, सेप्टिसीमिया, और जन्मजात विकृतियाँ) के कारण हुई। हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि NICU में चूहों की समस्या थी, जो हाल की भारी बारिश के कारण औरबढ़ गई थी
कार्रवाई और जांच:
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घटना पर कड़ी नाराजगी जताई और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आदेश दिया। दो नर्सिंग अधिकारियों को निलंबित किया गया, नर्सिंग अधीक्षक को हटाया गया, और पेस्ट कंट्रोल कंपनी ‘द एजाइल’ पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। पांच डॉक्टरों की एक उच्चस्तरीय समिति गठित की गई है, जो एक सप्ताह में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। मध्य प्रदेश मानव अधिकार आयोग और राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने अस्पताल को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। NCPCR ने जिला कलेक्टर को तीन दिनों में कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।इस संगठन ने घटना को बाल अधिकारों और अस्पताल सुरक्षा मानकों का उल्लंघन बताया और स्वतंत्र जांच की मांग की।
राजनीतिक प्रतिक्रिया:
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस घटना को “सीधी-सीधी हत्या” करार दिया और केंद्र व मध्य प्रदेश सरकार पर स्वास्थ्य सेवाओं की उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पताल गरीबों के लिए “मौत के अड्डे” बन गए हैं।मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने इसे भाजपा सरकार की 22 साल की विफलता का प्रतीक बताया और अस्पताल में चूहों की मौजूदगी को प्रशासनिक भ्रष्टाचार से जोड़ा।
सामाजिक और स्वच्छता मुद्दे:
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में अस्पताल में चूहे घूमते दिखे, जिसने व्यवस्था की लापरवाही को उजागर किया। विशेषज्ञों का कहना है कि भारी बारिश के कारण चूहों के बिलों में पानी भरने से वे अस्पताल में घुसे। साथ ही, परिजनों द्वारा लाया गया भोजन और अपर्याप्त स्वच्छता भी चूहों की संख्या बढ़ने का कारण हो सकता है।
निष्कर्ष:
हालांकि अस्पताल प्रशासन ने चूहों के काटने को मृत्यु का प्रत्यक्ष कारण मानने से इनकार किया है, लेकिन इस घटना ने अस्पताल में स्वच्छता, कीट नियंत्रण, और नवजातों की सुरक्षा की गंभीर खामियों को उजागर किया है। यह घटना मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे की कमियों को दर्शाती है और तत्काल सुधार की आवश्यकता को रेखांकित करती है।


