Gaza city:6 सितंबर 2025 को हम्मास द्वारा जारी एक वीडियो में इज़रायली बंधक गाई गिलबोआ-दलाल ने गाजा सिटी से एक मार्मिक अपील की। 7 अक्टूबर 2023 को नोवा म्यूजिक फेस्टिवल से अगवा किए गाई गिलबोआ-दलाल ने अपनी जान को खतरे में बताते हुए इज़रायली सरकार से युद्ध समाप्त करने और बंधकों की रिहाई के लिए तत्काल कार्रवाई की मांग की। उनके बयान ने इज़रायली जनता में गहरी भावनात्मक और राजनीतिक प्रतिक्रिया उत्पन्न की।

गाई गिलबोआ-दलाल का बयान :
मैं गाई गिलबोआ-दलाल हूँ। मैं 22 महीनों से गाजा सिटी में बंधक हूँ। यह वीडियो 28 अगस्त 2025 को बनाया गया है। मैं यहाँ हूँ, जहाँ इज़रायली सेना का हमला चल रहा है। मुझे डर है कि इस हमले में मेरी जान जा सकती है। मैं इज़रायली सरकार और प्रधानमंत्री नेतन्याहू से अपील करता हूँ कि युद्ध को रोकें और हमारी रिहाई के लिए हम्मास के साथ समझौता करें। हम जीवित रहना चाहते हैं और अपने परिवारों के पास लौटना चाहते हैं।”वीडियो के अंत में, गिलबोआ-दलाल की मुलाकात एक अन्य बंधक, अलोन ओहेल, से होती है। वह भावुक होकर कहते हैं, “मुझे विश्वास नहीं हो रहा कि मैं तुम्हें देख रहा हूँ।”

इज़रायली जनता पर प्रभाव :
गिलबोआ-दलाल के इस भावुक बयान ने इज़रायली जनता में गहरी हलचल मचाई। वीडियो के जारी होने के बाद, निम्नलिखित प्रभाव देखे गए:
भावनात्मक प्रतिक्रिया: बंधकों के जीवित होने का यह पहला सबूत था, जिसने उनके परिवारों और जनता में राहत के साथ-साथ उनकी सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता पैदा की। गिलबोआ-दलाल की अपील ने बंधक संकट की गंभीरता को फिर से सामने लाया, जिससे लोग भावुक और आक्रोशित हुए।

प्रदर्शन और हड़ताल: वीडियो के बाद, तेल अवीव और अन्य प्रमुख शहरों में हजारों लोग सड़कों पर उतरे, युद्धविराम और बंधकों की रिहाई की मांग करते हुए। 17 अगस्त 2025 को ऑक्टोबर काउंसिल, जिसमें बंधकों के परिवार और 7 अक्टूबर के हमले के पीड़ित शामिल हैं, ने एक राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया। प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाए, जैसे “हमें अपने भाई-बहन वापस चाहिए!” और “अब बंधकों को बचाओ!”

जनता की मांग: एक सर्वेक्षण के अनुसार, 64.5% इज़रायली, जिसमें नेतन्याहू की लिकुड पार्टी के आधे समर्थक शामिल हैं, युद्धविराम और बंधक रिहाई के लिए समझौते के पक्ष में हैं, जिसमें गाजा से इज़रायली सेना की वापसी भी शामिल है। जनता ने सरकार से तत्काल बातचीत शुरू करने और सभी बंधकों को एकमुश्त रिहा करने की मांग की। कुछ प्रदर्शनकारियों, जैसे मटान जंगाउकर की मां एनाव जंगाउकर, ने कहा, “बंधक हमारे बच्चे हैं! हमें उन्हें अभी बचाना होगा!

परिवारों की आवाज: गिलबोआ-दलाल के परिवार ने वीडियो को छह महीने बाद उनके जीवित होने का पहला संकेत बताया, लेकिन उनकी सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जताई। होस्टेजेस एंड मिसिंग फैमिलीज़ फोरम ने कहा, “यह वीडियो बंधकों की पीड़ा को दर्शाता है। सरकार को तुरंत समझौता करना चाहिए।
सरकार और जनता में तनाव :इज़रायली सरकार ने इस वीडियो को “हम्मास का क्रूर प्रचार” करार दिया, लेकिन जनता का दबाव बढ़ता गया। कुछ परिवारों और प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नेतन्याहू पर वार्ता में बाधा डालने का आरोप लगाया। उदाहरण के लिए, बंधक निमरोद कोहेन के पिता येहुदा कोहेन ने कहा, “केवल आप (ट्रंप) नेतन्याहू को युद्ध खत्म करने का आदेश दे सकते हैं।” जनता की मांग थी कि सरकार हम्मास के साथ एक चरणबद्ध समझौते को स्वीकार करे, जिसमें 10 जीवित बंधकों और 18 मृत बंधकों के शवों की रिहाई शामिल है।

निष्कर्ष : गाई गिलबोआ-दलाल का बयान न केवल बंधक संकट की गंभीरता को उजागर करता है, बल्कि इसने इज़रायली जनता को एकजुट कर युद्धविराम और बंधकों की रिहाई की मांग को तेज कर दिया। उनके शब्दों ने जनता में भावनात्मक और राजनीतिक जागरूकता पैदा की, जिससे सरकार पर दबाव बढ़ा। यह बयान गाजा में चल रहे युद्ध की जटिलता और मानवीय त्रासदी को दर्शाता है।


