Gaza:वाशिंगटन/दोहा, 3 अक्टूबर 2025 (विशेष संवाददाता): अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा पेश किए गए 20-सूत्री गाजा शांति प्रस्ताव पर फिलिस्तीनी संगठन हमास ने महत्वपूर्ण संशोधनों की मांग की है, लेकिन सूत्रों के अनुसार यह प्रस्ताव जल्द ही स्वीकार करने की दिशा में बढ़ रहा है। ट्रंप ने मंगलवार को हमास को “तीन से चार दिन” का अल्टीमेटम दिया था, जिसमें उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रस्ताव ठुकराया गया तो “बहुत दुखद अंत” होगा। इस बीच, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि यदि हमास ने प्रस्ताव को अस्वीकार किया या अमल में देरी की, तो इजरायल “काम पूरा करेगा”।

ट्रंप का यह प्रस्ताव गाजा में लगभग दो वर्ष से चले आ रहे इजरायल-हमास संघर्ष को समाप्त करने का प्रयास है, जो 7 अक्टूबर 2023 के हमास के हमले से शुरू हुआ था। व्हाइट हाउस द्वारा जारी दस्तावेज में तत्काल युद्धविराम, सभी इजरायली बंधकों की रिहाई, हमास का निरस्त्रीकरण और गाजा में अंतरराष्ट्रीय प्रशासन की स्थापना जैसे प्रमुख बिंदु शामिल हैं। विश्व के कई देशों ने इसकी सराहना की है, लेकिन हमास के नेताओं में मतभेद के कारण अनिश्चितता बनी हुई है।
प्रस्ताव के प्रमुख बिंदु :
ट्रंप का 20-सूत्री प्लान गाजा के भविष्य को फिर से आकार देने का दावा करता है। इसमें निम्नलिखित मुख्य प्रावधान हैं:
बिंदु संखिया विवरण :
इजरायली सेनाओं की चरणबद्ध वापसी, लेकिन मिस्र और इजरायल सीमाओं पर बफर जोन की स्थापना। हमास को हथियारों का पूर्ण निरस्त्रीकरण और सैन्य संरचनाओं का विघटन।
प्रस्ताव के प्रमुख बिंदु : ट्रंप का 20-सूत्री प्लान गाजा के भविष्य को फिर से आकार देने का दावा करता है। इसमें निम्नलिखित मुख्य प्रावधान हैं: मानवीय सहायता का तत्काल प्रवाह, राफा क्रॉसिंग का खुलना और गाजा में अस्थायी फिलिस्तीनी तकनीकी समिति की स्थापना, जिसकी निगरानी “पीस बोर्ड” करेगा। ट्रंप इस बोर्ड के चेयरमैन होंगे, जिसमें पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर भी शामिल होंगे।
हमास और अन्य गुटों का गाजा शासन में कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष भूमिका न निभाना। हमास सदस्यों को सुरक्षित मार्ग से गाजा छोड़ने की अनुमति, लेकिन फिलिस्तीनियों को जबरन विस्थापन न करने का वादा।
गाजा का पुनर्निर्माण, विशेष आर्थिक क्षेत्र की स्थापना और यदि हमास अस्वीकार करता है तो इजरायली सेनाओं द्वारा “आतंक-मुक्त” क्षेत्रों में सहायता का विस्तार।
अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल (अमेरिका और अरब देशों के नेतृत्व में) की तैनाती और फिलिस्तीनी प्राधिकरण के सुधार के बाद गाजा का पूर्ण हस्तांतरण।
यह योजना फरवरी 2025 के ट्रंप के पिछले प्रस्ताव से अलग है, जिसमें फिलिस्तीनियों के विस्थापन पर अधिक जोर था। अब इसमें पुनर्निर्माण और शांति पर फोकस है।
हमास की प्रतिक्रिया: संशोधनों की मांग, लेकिन सकारात्मक संकेत :
हमास ने अभी तक आधिकारिक रूप से प्रस्ताव को स्वीकार या अस्वीकार नहीं किया है, लेकिन संगठन के नेताओं के बयानों से स्पष्ट है कि वे इसे “इजरायल के हितों को बढ़ावा देने वाला” मानते हैं। हमास के वरिष्ठ अधिकारी ताहिर अल-नुनू ने कहा कि प्रस्ताव पर चर्चा चल रही है और “फिलिस्तीनी हितों की अनदेखी” के कारण इसे अस्वीकार किया जा सकता है। एक अन्य अधिकारी महमूद मरदावी ने इसे “इजरायली दृष्टिकोण के करीब” बताया, लेकिन अध्ययन का आश्वासन दिया।

सूत्रों के अनुसार, हमास आंतरिक रूप से विभाजित है। गाजा में सैन्य विंग के प्रमुख इज्ज अल-दीन अल-हद्दाद ने योजना का विरोध किया है, इसे “हमास को समाप्त करने की साजिश” बताते हुए। वे बंधकों की रिहाई के समयबद्ध तरीके, निरस्त्रीकरण और अंतरराष्ट्रीय बल की तैनाती पर असहमत हैं, जिसे वे “नई कब्जे की रूप” मानते हैं। हालांकि, राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य मोहम्मद नज्जाल ने अल जजीरा को बताया कि हमास का उद्देश्य “इजरायल का युद्ध रोकना” है और जल्द ही स्थिति स्पष्ट करेंगे।

सीबीएस न्यूज को एक स्रोत ने बताया कि हमास मध्यस्थों (मिस्र और कतर) के माध्यम से संशोधन प्रस्तावित कर रहा है, जैसे बंधकों की रिहाई का समय बढ़ाना और बफर जोन को सीमित करना। गार्जियन के अनुसार, हमास प्रमुख संशोधनों के साथ योजना को आधार मानने को तैयार है। कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान ने कहा कि हमास “जिम्मेदारी से” योजना का अध्ययन कर रहा है और कुछ बिंदुओं पर स्पष्टीकरण चाहिए

हमास के मीडिया कार्यालय प्रमुख इस्माइल अल-थवाब्ता ने इसे “गाजा पर नया संरक्षकत्व थोपने का प्रयास” कहा, लेकिन फिलिस्तीनी गुटों के साथ परामर्श जारी है। एपी को एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कुछ प्रावधान “अस्वीकार्य” हैं और बदलाव जरूरी हैं।
वैश्विक प्रतिक्रियाएं: समर्थन, लेकिन सतर्कता :
ट्रंप के प्रस्ताव को यूरोपीय संघ, ब्रिटेन, फ्रांस, कनाडा और अरब देशों (कतर, मिस्र, जॉर्डन, यूएई, सऊदी अरब) ने स्वागत किया है। यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने कहा, “सभी पक्षों को इस अवसर को हानि न पहुंचाने दें।” कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने बंधकों की तत्काल रिहाई की मांग की। हालांकि, फिलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद के प्रमुख जियाद अल-नखाला ने इसे “क्षेत्र को उड़ाने की रेसिपी” कहा।

मिस्र के विदेश मंत्री बद्र अब्देलअत्ती ने पेरिस में कहा कि वे कतर और तुर्की के साथ हमास को मनाने का प्रयास कर रहे हैं, अन्यथा “युद्ध बढ़ेगा।” संयुक्त राष्ट्र और फ्रांस-सऊदी प्रस्तावों से प्रेरित यह योजना सबसे व्यापक समर्थन वाली है, लेकिन हमास के निरस्त्रीकरण पर असहमति प्रमुख बाधा बनी हुई है।

आगे की राह: समय सीमा का दबाव : ट्रंप ने व्हाइट हाउस में कहा, “यह योजना निष्पक्ष है और हमास को स्वीकार करनी चाहिए, अन्यथा इजरायल को हमारा पूरा समर्थन।” नेतन्याहू ने फिलिस्तीनी राज्य की संभावना को खारिज किया, लेकिन योजना के अनुसार इजरायली सेनाओं की वापसी का वादा किया। एसीएलईडी रिपोर्ट के अनुसार, हमास के 40 से अधिक कमांडर मारे जा चुके हैं, जिससे संगठन कमजोर हुआ है।

विश्लेषकों का मानना है कि हमास दबाव में आ सकता है, लेकिन यदि संशोधन न माने गए तो संघर्ष लंबा खिंच सकता है। गाजा में मृतकों की संख्या 66,000 से अधिक हो चुकी है, और मानवीय संकट गहराता जा रहा है। हमास की अंतिम प्रतिक्रिया पर नजरें टिकी हैं, जो मध्य पूर्व के भविष्य को बदल सकती है।



